Adani Power Merger: NCLT की मंजूरी से 10 कंपनियों का होगा एकीकरण, जानें पूरी डिटेल
नई दिल्ली: पावर सेक्टर की कंपनी Adani Power से जुड़ी बड़ी कॉरपोरेट खबर सामने आई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT की मुंबई बेंच ने विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड (VIPL) के अदाणी पावर में विलय को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी कंपनी की उस व्यापक अमलगमेशन स्कीम का हिस्सा है, जिसके तहत अदाणी पावर की कुल 10 कंपनियों को एक ही कॉरपोरेट संरचना में समाहित किया जाना है। ट्रिब्यूनल का संबंधित आदेश 24 सितंबर 2026 को जारी हुआ।
यह घटनाक्रम Adani Power Merger प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि VIPL का विलय पूरा होने के साथ इस प्रस्तावित एकीकरण से जुड़ी NCLT मंजूरियों का प्रमुख चरण पूरा हो गया है। इससे कंपनी की विभिन्न सहायक कंपनियों और कारोबारी परिसंपत्तियों को एकीकृत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
NCLT ने किस कंपनी के विलय को दी मंजूरी?
NCLT की मुंबई बेंच ने Vidarbha Industries Power Limited के अदाणी पावर लिमिटेड में विलय को मंजूरी दी है। VIPL महाराष्ट्र के नागपुर जिले के बुटीबोरी में 2×300 MW यानी 600 MW क्षमता का थर्मल पावर प्लांट संचालित करती है। अदाणी पावर ने जुलाई 2025 में VIPL के अधिग्रहण और रिजॉल्यूशन प्लान के क्रियान्वयन को पूरा किया था। कंपनी के अनुसार उस समय VIPL के अधिग्रहण के बाद उसकी ऑपरेटिंग क्षमता 18,150 MW हो गई थी।
अब अमलगमेशन स्कीम के तहत VIPL को अदाणी पावर की मुख्य कंपनी में समाहित करने की प्रक्रिया को NCLT की मंजूरी मिल गई है।
कुल 10 कंपनियों का किया जाना है एकीकरण
Adani Power Merger योजना केवल VIPL तक सीमित नहीं है। कंपनी की योजना कुल 10 कंपनियों को अदाणी पावर लिमिटेड के साथ मिलाने की है।
इस सूची में शामिल कंपनियां हैं:
- अदाणी पावर दहेज लिमिटेड
- कच्छ पावर जनरेशन लिमिटेड
- रिसर्जेंट फ्यूल मैनेजमेंट लिमिटेड
- महान फ्यूल मैनेजमेंट लिमिटेड
- ओडिशा थर्मल एनर्जी लिमिटेड
- कोरबा पावर लिमिटेड
- अनूपपुर थर्मल एनर्जी (MP) प्राइवेट लिमिटेड
- मिर्जापुर थर्मल एनर्जी (UP) प्राइवेट लिमिटेड
- एम्बरिजा इंफ्रा पार्क लिमिटेड
- विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड
इन कंपनियों को अदाणी पावर की कॉरपोरेट संरचना में समाहित करने की योजना के लिए 1 अप्रैल 2025 को नियुक्त तिथि यानी appointed date के रूप में तय किया गया है।
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पहले नौ कंपनियों के विलय को मिल चुकी थी मंजूरी
इस प्रक्रिया में VIPL से पहले नौ अन्य कंपनियों के विलय को NCLT की अहमदाबाद बेंच से मंजूरी मिल चुकी थी। 4 अगस्त 2026 के आदेश के बाद इन कंपनियों के एकीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसके बाद VIPL से संबंधित प्रस्ताव पर मुंबई बेंच का फैसला बाकी था।
अब मुंबई बेंच से मंजूरी मिलने के बाद 10 कंपनियों को लेकर प्रस्तावित एकीकरण योजना के लिए जरूरी ट्रिब्यूनल मंजूरियों का प्रमुख चरण पूरा हो गया है।
कंपनी की कॉरपोरेट संरचना पर क्या असर पड़ेगा?
अमलगमेशन का उद्देश्य अलग-अलग कंपनियों से जुड़े संचालन और प्रशासनिक ढांचे को अधिक एकीकृत करना है। Jagran की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना का मकसद ऑपरेशनल स्केल बढ़ाना, कंट्रोल स्ट्रक्चर को सरल बनाना और कानूनी तथा अनुपालन से जुड़े खर्चों को कम करना है।
कई कंपनियों के अलग-अलग कॉरपोरेट ढांचे को एक इकाई में लाने से रिपोर्टिंग, प्रशासन और प्रबंधन से जुड़े कार्यों को एकीकृत करने का अवसर मिलता है। हालांकि, वास्तविक वित्तीय या परिचालन प्रभाव कंपनी की ओर से पूरी प्रक्रिया लागू होने के बाद सामने आएगा।
VIPL की 600 MW क्षमता भी होगी मुख्य संरचना का हिस्सा
विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड का बुटीबोरी, नागपुर में 600 MW का थर्मल पावर प्रोजेक्ट है। अदाणी पावर ने जुलाई 2025 में VIPL के अधिग्रहण के बाद अपनी ऑपरेटिंग क्षमता 18,150 MW बताई थी। कंपनी के मुताबिक यह अधिग्रहण 4,000 करोड़ रुपये के कुल consideration पर पूरा हुआ था।
इस लिहाज से VIPL का प्रस्तावित विलय अदाणी पावर के मौजूदा पावर एसेट्स के कॉरपोरेट एकीकरण की दिशा में एक और कदम है।
अमलगमेशन स्कीम कब लागू होगी?
NCLT की मंजूरी मिलना प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन स्कीम को प्रभावी बनाने के लिए निर्धारित अन्य प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी। अदाणी पावर ने बताया है कि बाकी जरूरी प्रक्रियात्मक कदम पूरे होने के बाद स्कीम लागू होगी और उस समय इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को दी जाएगी।
इसलिए NCLT की मंजूरी को विलय प्रक्रिया की महत्वपूर्ण स्वीकृति के रूप में देखा जाना चाहिए, जबकि अंतिम प्रभावी स्थिति संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
Adani Power Share की स्थिति
Jagran की 25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में अदाणी पावर के शेयर का भाव ₹203 और कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹3,91,479 करोड़ बताया गया है। उसी रिपोर्ट में एक साल का रिटर्न 33.88 प्रतिशत, तीन साल का 38.25 प्रतिशत और पांच साल का 59.76 प्रतिशत बताया गया है। ये आंकड़े रिपोर्ट में दिए गए समय के संदर्भ में हैं और शेयर बाजार की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं।
इसलिए इन आंकड़ों को वर्तमान बाजार भाव या भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान नहीं माना जाना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Adani Power Merger से जुड़ी खबर मुख्य रूप से कंपनी के कॉरपोरेट पुनर्गठन और परिसंपत्तियों के एकीकरण से संबंधित है। NCLT की मंजूरी से 10 कंपनियों को एकीकृत करने की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
हालांकि, केवल विलय की मंजूरी के आधार पर शेयर के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। कंपनी के वित्तीय नतीजे, बिजली उत्पादन, पावर डिमांड, टैरिफ, कर्ज, कैपिटल एक्सपेंडिचर और नियामकीय परिस्थितियां जैसे कई कारक शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Adani Power Merger योजना में अब एक और महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। NCLT की मुंबई बेंच ने विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड के अदाणी पावर में विलय को मंजूरी दे दी है। इससे कुल 10 कंपनियों के एकीकरण वाली योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
कंपनी के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य कॉरपोरेट ढांचे को सरल बनाना, ऑपरेशनल स्केल को मजबूत करना और प्रशासनिक व अनुपालन से जुड़े खर्चों को व्यवस्थित करना है। हालांकि पूरी योजना के प्रभावी होने के लिए बाकी प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी होना जरूरी है।
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