Chhattisgarh Flood: भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, सड़कें डूबीं और गांवों का संपर्क प्रभावित

ChatGPT Image Sep 26, 2026, 06_25_58 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। रायपुर, कांकेर, महासमुंद, दंतेवाड़ा समेत कई जिलों में जलभराव और सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाते हुए राहत और बचाव टीमों को अलर्ट रखा है।

Chhattisgarh Flood: लगातार बारिश से बिगड़े हालात

पिछले कई दिनों से जारी बारिश के कारण छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में नदियों और स्थानीय जलधाराओं का जलस्तर बढ़ गया है। बस्तर संभाग के साथ मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

रायपुर और दुर्ग के कुछ इलाकों में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बनी। कुछ स्थानों पर पानी घरों तक पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। इससे स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन में परेशानी हो रही है।

रायपुर और आसपास के इलाकों में जलभराव

राजधानी रायपुर के आसपास लगातार बारिश का असर सड़कों और निचले इलाकों में देखने को मिला है। कई जगह जलभराव के कारण सामान्य यातायात प्रभावित हुआ। खारुन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

बारिश के कारण कई छोटी नदियां और नाले भी उफान पर हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

देशभर के Important News पायें, Group Join करें

महासमुंद में बढ़ा नदी का जलस्तर

महासमुंद जिले में भी लगातार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ा है। नदी के आसपास के गांवों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

रिपोर्टों के अनुसार बाढ़ के पानी से कुछ इलाकों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संभावित जलभराव को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।

धमतरी के गंगरेल बांध में भी जलस्तर काफी बढ़ने के बाद पानी की निकासी बढ़ाई गई। बांध के सभी 14 गेट खोले जाने के बाद महानदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया, जिसके चलते नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी।

कांकेर और बस्तर संभाग में भी खतरा

बारिश का असर कांकेर सहित बस्तर संभाग के कई जिलों में भी दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में पानी बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न होने के कारण लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

बस्तर क्षेत्र में हालात इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि यहां कई गांव नदियों और जलधाराओं के आसपास बसे हुए हैं। बारिश बढ़ने पर इन क्षेत्रों का जिला मुख्यालयों से संपर्क प्रभावित हो सकता है।

आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार बस्तर संभाग सहित मध्य छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में नदियां उफान पर हैं और भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

दंतेवाड़ा समेत दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी निगरानी

दंतेवाड़ा और आसपास के दक्षिणी जिलों में भी प्रशासन ने स्थिति पर नजर बढ़ाई है। भारी बारिश के कारण नदियों और नालों में पानी बढ़ने की संभावना को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में बचाव दलों को तैयार रखा गया है।

बाढ़ की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलियों के संपर्क को बनाए रखना होती है। पानी बढ़ने पर छोटे पुलों और रपटों के ऊपर से पानी बहने लगता है, जिससे आवागमन रोकना पड़ता है। प्रशासन की ओर से ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी की जा रही है।

स्कूलों पर भी पड़ा भारी बारिश का असर

लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए राज्य में स्कूलों को लेकर भी प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 26 सितंबर को छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के कारण राज्य के सभी स्कूल बंद रखने की जानकारी सामने आई। इससे पहले दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, गरियाबंद, धमतरी और दुर्ग जैसे जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया था और प्रभावित क्षेत्रों में तिमाही परीक्षाएं भी स्थगित की गई थीं।

स्कूल बंद करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को जलभराव, खराब सड़क स्थिति और तेज बारिश के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों से सुरक्षित रखना है।

बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ी सतर्कता

भारी बारिश के बीच राज्य के कई जलाशयों में भी पानी तेजी से बढ़ा है। धमतरी के गंगरेल बांध में जलस्तर काफी ऊंचा पहुंचने के बाद पानी की निकासी की गई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार सुबह गंगरेल जलाशय लगभग 98 प्रतिशत क्षमता तक पहुंच गया था, जबकि मुरुमसिल्ली जलाशय पूरी क्षमता पर था।

बांधों से पानी छोड़े जाने का सीधा असर निचले इलाकों में नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। इसलिए नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

राहत और बचाव टीमों को रखा गया अलर्ट

Chhattisgarh Flood की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है। प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।

सरकार की ओर से लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के तेज बहाव के पास नहीं जाने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की गई है।

आगे भी बारिश की संभावना, लोगों को सावधानी की जरूरत

मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल राहत की उम्मीद के साथ सावधानी भी जरूरी है। लगातार बारिश होने पर नदियों और जलाशयों का जलस्तर फिर बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम और प्रशासन की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।

फिलहाल रायपुर से लेकर कांकेर, महासमुंद और दंतेवाड़ा तक कई क्षेत्रों में बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। सड़कें जलमग्न होने, नदियों के उफान और गांवों के संपर्क प्रभावित होने के कारण प्रशासन के सामने राहत एवं बचाव अभियान को प्रभावी बनाए रखने की चुनौती है।

देशभर के Important News पायें, Group Join करें