विराट कोहली के ‘मैच विनर’ साथी की IPL में नई पारी : जानें कौन हैं अंपायर Ajitesh Argal

अंपायर Ajitesh Argal

अंपायर Ajitesh Argal

भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों एक नाम की खूब चर्चा हो रही है— Ajitesh Argal। क्रिकेट प्रेमियों को साल 2008 का वह अंडर-19 विश्व कप याद होगा, जिसने भारत को विराट कोहली जैसा सुपरस्टार दिया। उस समय फाइनल के हीरो रहे अजीतेश अर्गल अब एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार गेंद के साथ नहीं, बल्कि हाथ में अंपायरिंग की कमान थामे हुए।

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IPL 2026 में अंपायरिंग डेब्यू

Ajitesh Argal ने हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में अंपायर के रूप में अपना डेब्यू किया है। 22 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुए मुकाबले में वह ऑन-फील्ड अंपायर के रूप में नजर आए। एक खिलाड़ी के तौर पर IPL का हिस्सा रहने के सालों बाद, एक अंपायर के रूप में मैदान पर वापसी करना उनके करियर का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है।

2008 वर्ल्ड कप फाइनल के ‘मैन ऑफ द मैच’

Ajitesh Argal का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। 2008 के अंडर-19 विश्व कप फाइनल में, जब भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से था, तब अजीतेश ने घातक गेंदबाजी की थी। उन्होंने 5 ओवर में केवल 7 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए थे। उनके इस किफायती स्पेल की बदौलत भारत ने खिताब जीता और अजीतेश को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

खिलाड़ी से अंपायर बनने का सफर

बड़ौदा के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले अजीतेश का क्रिकेट करियर चोटों और प्रतिस्पर्धा के कारण उतना लंबा नहीं रहा जितना उम्मीद की गई थी। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी:

  1. सरकारी नौकरी: खेल कोटे से वह आयकर विभाग (Income Tax) में इंस्पेक्टर बने।
  2. अंपायरिंग की ओर कदम: क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को जीवित रखने के लिए उन्होंने BCCI की अंपायरिंग परीक्षा पास की।
  3. WPL और IPL: IPL से ठीक पहले उन्होंने महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में भी शानदार अंपायरिंग की थी।

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सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा

Ajitesh Argal की कहानी उन सभी एथलीटों के लिए प्रेरणा है जिनका खेल करियर समय से पहले थम जाता है। सोशल मीडिया पर फैंस उनकी सादगी और खेल के प्रति उनके समर्पण की तारीफ कर रहे हैं। जिस मैदान पर कभी उन्होंने विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के साथ जीत का जश्न मनाया था, आज उसी मैदान पर वह खेल के नियमों की रक्षा कर रहे हैं।

निष्कर्ष

Ajitesh Argal का सफर यह सिखाता है कि अगर आपमें खेल के प्रति सच्चा प्रेम है, तो आप मैदान पर रहने का कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। अंपायर के रूप में उनकी यह नई पारी निश्चित रूप से युवाओं को प्रेरित करेगी।