Heat Wave School Holiday : भीषण गर्मी और लू का कहर, कई राज्यों में समय से पहले गर्मियों की छुट्टियों का एलान, जानें अपने राज्य का हाल
Heat Wave School Holiday
भारत के कई हिस्सों में इस साल अप्रैल के महीने में ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत के कई राज्यों में तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है। इस भीषण लू (Heatwave) का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए, विभिन्न राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों ने Heat Wave School Holiday और स्कूलों के समय में बड़े बदलावों की घोषणा की है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि किन राज्यों ने स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है और कहाँ समय में कटौती की गई है।
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ओडिशा: सबसे पहले घोषित की छुट्टियां
ओडिशा उन राज्यों में से एक है जहाँ गर्मी ने सबसे पहले अपना रौद्र रूप दिखाया। बारीपदा और बौध जैसे शहरों में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुँचने के बाद, ओडिशा सरकार ने 27 अप्रैल 2026 से सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए गर्मी की छुट्टियों (Summer Vacation) की घोषणा कर दी। सरकार का उद्देश्य छात्रों को ‘हीट स्ट्रोक’ और डिहाइड्रेशन से बचाना है।
पश्चिम बंगाल: स्कूल बंद करने का कड़ा फैसला
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए पूरे राज्य (पहाड़ी जिलों को छोड़कर) के स्कूलों में 22 अप्रैल से ही छुट्टियाँ घोषित कर दी थीं। राज्य के दक्षिण बंगाल के जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी किया गया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। प्रशासन ने निजी स्कूलों को भी इस आदेश का पालन करने की सख्त हिदायत दी है।
छत्तीसगढ़: छुट्टियों के कैलेंडर में बदलाव
छत्तीसगढ़ सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गर्मियों की छुट्टियों को दो सप्ताह पहले ही शुरू कर दिया है। राज्य में अब 20 अप्रैल से 15 जून तक स्कूलों में अवकाश रहेगा। पहले यह छुट्टियां मई के पहले सप्ताह से शुरू होनी थीं, लेकिन पारे की बढ़त को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया।
दिल्ली-NCR: अभिभावकों की बढ़ती मांग
राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में भी गर्मी का प्रकोप चरम पर है। हालाँकि दिल्ली में आधिकारिक तौर पर गर्मी की छुट्टियां 11 मई से प्रस्तावित हैं, लेकिन कई अभिभावक संघों ने सरकार से इसे 1 मई से ही लागू करने की अपील की है। फिलहाल, दिल्ली के स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे दोपहर के समय छात्रों को धूप में न निकालें और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज को सुबह जल्दी या इनडोर ही संपन्न करें।

उत्तर प्रदेश और बिहार: स्कूल टाइमिंग्स में कटौती
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में फ़िलहाल पूर्ण अवकाश की जगह समय में बदलाव (Revised Timings) को प्राथमिकता दी गई है:
- उत्तर प्रदेश: लखनऊ, नोएडा और वाराणसी जैसे शहरों में स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं।
- बिहार: पटना जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर सुबह 11:30 बजे के बाद रोक लगा दी है।
Heat Wave School Holiday के दौरान स्वास्थ्य सावधानियां
लू के दौरान बच्चों का स्वास्थ्य सबसे अधिक संवेदनशील होता है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने अभिभावकों के लिए निम्नलिखित सुझाव जारी किए हैं:
- हाइड्रेशन: बच्चों को स्कूल भेजते समय उनके पास पर्याप्त पानी और ग्लूकोज या ओआरएस (ORS) का घोल जरूर रखें।
- पहनावा: बच्चों को ढीले और सूती कपड़े पहनाएं ताकि पसीना आसानी से सोख सके।
- खान-पान: तली-भुनी चीजों की जगह फल, जूस और छाछ का अधिक सेवन कराएं।
- बाहर निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बच्चों को सीधे धूप के संपर्क में न आने दें।
‘वॉटर बेल’ (Water Bell) पहल की बढ़ती लोकप्रियता
गर्मी को मात देने के लिए कई राज्यों (जैसे कर्नाटक और अब दिल्ली-उत्तराखंड के कुछ हिस्से) ने स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ सिस्टम लागू किया है। इसके तहत दिन में तीन से चार बार एक विशेष घंटी बजाई जाती है, जिसका संकेत यह होता है कि हर छात्र को पानी पीना अनिवार्य है। यह छोटी सी पहल बच्चों को हाइड्रेटेड रखने में बहुत कारगर साबित हो रही है।
निष्कर्ष : क्या बढ़ सकती हैं छुट्टियां
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ हफ्तों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। ऐसे में संभावना है कि जिन राज्यों ने अभी तक Heat Wave School Holiday की घोषणा नहीं की है, वे भी मई के पहले सप्ताह तक स्कूलों को बंद करने का आदेश दे सकते हैं। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप और स्थानीय समाचारों के माध्यम से लेटेस्ट अपडेट्स प्राप्त करते रहें।
