ट्रंप के नियंत्रण में हैं PM Modi, इसी कारण उन्होंने संसद में अमेरिका के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला : Rahul Gandhi
ahul Gandhi ने प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के साथ समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया
नई दिल्ली, 23 मार्च : लोकसभा में नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रभाव में हैं, इसी कारण संसद में उन्होंने अमेरिका के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया।
गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए Rahul Gandhi ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री का रुख कमजोर नजर आता है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम एशिया के हालात पर संसद में भाषण देने के बावजूद प्रधानमंत्री विपक्ष के साथ खुली बहस से बचते हैं।
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व्यापार समझौते पर उठाए सवाल
Rahul Gandhi ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसान और लघु व मध्यम उद्योग (MSME) को भारी नुकसान हो सकता है।
उनके अनुसार, पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र को विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए इस तरह खोल दिया है। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों के लिए अमेरिका की उन्नत और मशीनीकृत खेती से मुकाबला करना मुश्किल होगा, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है।
अडानी मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
Rahul Gandhi ने उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि सरकार और बड़े कॉर्पोरेट के बीच गहरा संबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर—जैसे पोर्ट, एयरपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र—कुछ चुनिंदा कंपनियों को सौंपे गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में चल रहे मामलों के कारण केंद्र सरकार दबाव में काम कर रही है, जिससे राष्ट्रीय हित प्रभावित हो सकते हैं।
आदिवासी मुद्दों पर भाजपा पर निशाना
अपने संबोधन में Rahul Gandhi ने आदिवासी अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ‘आदिवासी’ इस देश के मूल निवासी हैं, जिनका जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकार रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की नीतियां आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि जब आदिवासियों के संसाधनों को छीना जाता है, तो यह संविधान और Birsa Munda की विरासत पर हमला है।

जाति जनगणना और निजीकरण पर बयान
Rahul Gandhi ने जाति जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि विभिन्न वर्गों की हिस्सेदारी संस्थानों और कॉर्पोरेट सेक्टर में कितनी है।
उन्होंने निजीकरण की आलोचना करते हुए कहा कि इससे केवल कुछ बड़े उद्योगपतियों को लाभ मिलता है, जबकि आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं।