Vibe Movie Review: कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव की जोड़ी ने जमाया रंग, प्रीति जिंटा का अंदाज भी खास

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Vibe Movie Review: कुणाल खेमू एक बार फिर निर्देशन की कमान संभालते हुए बड़े पर्दे पर कॉमेडी और स्पाई-थ्रिलर का अनोखा मिश्रण लेकर आए हैं। उनकी नई फिल्म ‘वाइब’ (Vibe) 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में कुणाल खेमू के साथ स्पर्श श्रीवास्तव, प्रीति जिंटा, वंशिका धीर, यशपाल शर्मा और दिनेश लाल यादव जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म का आधार एक ऐसी कहानी है, जिसमें दो आम और थोड़े अनाड़ी दोस्त अचानक एक बड़े मिशन का हिस्सा बन जाते हैं।

‘वाइब’ की कहानी क्या है?

फिल्म की कहानी हार्दिक और बग्स नाम के दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। हार्दिक का किरदार कुणाल खेमू ने निभाया है, जबकि बग्स के रोल में स्पर्श श्रीवास्तव दिखाई देते हैं। दोनों की दोस्ती फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा है।

हार्दिक की जिंदगी काफी अस्त-व्यस्त रही है और वह अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। वहीं बग्स अपेक्षाकृत जिम्मेदार दोस्त है, जो हार्दिक को नई शुरुआत करने में मदद करता है। उसे नौकरी दिलाने से लेकर मुश्किल परिस्थितियों में साथ खड़े रहने तक, बग्स लगातार अपने दोस्त का साथ देता है।

कहानी तब नया मोड़ लेती है जब हार्दिक की मुलाकात करीना से होती है। इसके बाद दोनों दोस्तों की सामान्य जिंदगी धीरे-धीरे एक ऐसे मामले में उलझ जाती है, जिसका संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। अचानक वे ऐसे मिशन का हिस्सा बन जाते हैं, जिसके लिए वे बिल्कुल तैयार नहीं हैं।

कॉमेडी और स्पाई मिशन का अनोखा मेल

‘वाइब’ की सबसे खास बात इसका जॉनर है। आमतौर पर जासूसी फिल्मों में गंभीर माहौल, मिशन और तनाव पर ज्यादा जोर दिया जाता है। लेकिन कुणाल खेमू ने यहां इसी फॉर्मूले को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है।

फिल्म में हार्दिक और बग्स को एक खुफिया मिशन के लिए तैयार किया जाता है। समस्या यह है कि दोनों को जासूसी का कोई खास अनुभव नहीं है। उनकी ट्रेनिंग और मिशन से जुड़े कई प्रसंग फिल्म में हास्य पैदा करते हैं।

पहले हिस्से में दोनों दोस्तों की नोकझोंक, उनकी अलग-अलग सोच और मुश्किल परिस्थितियों में उनके अजीब फैसले कहानी को मजेदार बनाते हैं। समीक्षाओं में भी फिल्म के शुरुआती हिस्से में कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव की कॉमिक टाइमिंग तथा केमिस्ट्री को प्रमुख आकर्षण बताया गया है।

प्रीति जिंटा का अलग अंदाज

फिल्म में प्रीति जिंटा मैडम एच के किरदार में नजर आती हैं। उनका किरदार दोनों दोस्तों से बिल्कुल अलग है। वह गंभीर, आत्मविश्वासी और मिशन को लेकर बेहद स्पष्ट दिखाई देती हैं।

मैडम एच को जब हार्दिक और बग्स जैसे दो अनाड़ी लोगों के साथ काम करना पड़ता है, तो कहानी में हास्य का एक अलग स्तर पैदा होता है। प्रीति जिंटा ने फिल्म में अपने पुराने स्क्रीन इमेज से अलग तरह की भूमिका निभाई है। समीक्षकों ने भी उनके किरदार और प्रस्तुति को नोट किया है।

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कुणाल खेमू और स्पर्श की केमिस्ट्री

‘वाइब’ का सबसे मजबूत पक्ष कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव की जोड़ी को माना जा सकता है। दोनों के किरदारों का स्वभाव एक-दूसरे से काफी अलग है और यही अंतर कॉमेडी को जन्म देता है।

हार्दिक जहां जल्दबाजी और अपनी मस्ती में फैसले लेने वाला व्यक्ति है, वहीं बग्स परिस्थितियों को थोड़ा ज्यादा समझदारी से संभालने की कोशिश करता है। दोनों के बीच की दोस्ती और नोकझोंक फिल्म के कई मजेदार दृश्यों का आधार बनती है।

कुणाल खेमू अभिनेता के साथ-साथ फिल्म के लेखक और निर्देशक भी हैं। समीक्षाओं में उनके कॉमिक अंदाज और निर्देशन की टाइमिंग की चर्चा की गई है।

सेकेंड हाफ में बदल जाता है फिल्म का मूड

फिल्म का पहला हिस्सा मुख्य रूप से कॉमेडी और दोनों दोस्तों की केमिस्ट्री पर केंद्रित रहता है। इंटरवल के बाद कहानी ज्यादा एक्शन और स्पाई मिशन की तरफ बढ़ती है।

यहीं फिल्म की रफ्तार और टोन में बदलाव महसूस होता है। कुछ समीक्षाओं के अनुसार सेकेंड हाफ में कहानी में कई नए ट्विस्ट और जटिलताएं जुड़ती हैं, जिसके कारण शुरुआती हिस्से वाली सहज कॉमेडी कुछ कम हो जाती है।

फिर भी फिल्म पूरी तरह से गंभीर स्पाई थ्रिलर बनने की कोशिश नहीं करती। इसका मूल उद्देश्य मनोरंजन और हास्य को बनाए रखना है। यही वजह है कि फिल्म में एक्शन के बीच भी कॉमिक परिस्थितियां देखने को मिलती हैं।

म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर

फिल्म का संगीत अमित त्रिवेदी ने तैयार किया है, जबकि बैकग्राउंड स्कोर जॉन स्टीवर्ट एडुरी का है। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के आधुनिक और हल्के-फुल्के माहौल को सपोर्ट करते हैं। खासकर एक्शन और कॉमेडी वाले दृश्यों में बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी की गति को बनाए रखने में मदद करता है।

‘वाइब’ में बाकी कलाकारों का प्रदर्शन

स्पर्श श्रीवास्तव के अलावा वंशिका धीर भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं और यह उनका अभिनय डेब्यू है। यशपाल शर्मा और दिनेश लाल यादव भी कहानी में अहम भूमिकाएं निभाते हैं। फिल्म की सपोर्टिंग कास्ट कॉमेडी और स्पाई मिशन वाले माहौल को आगे बढ़ाने में योगदान देती है।

क्या ‘वाइब’ देखनी चाहिए?

अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जिनमें कॉमेडी, दोस्ती, एक्शन और स्पाई मिशन एक साथ देखने को मिले, तो ‘वाइब’ आपके लिए दिलचस्प विकल्प हो सकती है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव की जोड़ी है। वहीं प्रीति जिंटा का अलग अंदाज कहानी में एक नया रंग जोड़ता है।

हालांकि, सेकेंड हाफ में कहानी के ज्यादा जटिल होने की वजह से फिल्म का प्रभाव शुरुआती हिस्से की तुलना में कुछ कम महसूस हो सकता है। अलग-अलग समीक्षाओं में भी इसी तरह फिल्म के मजबूत कॉमिक हिस्से और बाद के हिस्से में आने वाले टोनल बदलाव की चर्चा हुई है।

कुल मिलाकर, ‘वाइब’ एक ऐसी कॉमेडी स्पाई फिल्म है जो गंभीर जासूसी कहानियों के बजाय मनोरंजन, दोस्ती और हास्य को प्राथमिकता देती है। कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव की केमिस्ट्री इसकी खासियत है, जबकि प्रीति जिंटा का किरदार फिल्म को अलग पहचान देता है।

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